बुधवार, 28 जनवरी 2009

हिमेश रेशमिया का लता जी से पंगा

एक बार हिमेश रेशमिया जी कहीं जा रहे थे। रास्ते में लता जी मिली, उन्हें देखकर बोलीं " हरी ओऊम हिमेश जी"। वो बोले" हावी ओऊम हावी ओऊम " । लता जी सकपका गई "कौन हावी किसपर हावी?? " "आप भी मज़ाक करती हैं लता जी!! चलिए अब मिल ही गए हैं तो एक कप काफ़ी हो जाए। "
अब किसी छोटे मोटे ढाबे में तो लता जी को नही ले जाया जा सकता, इसलिए हिमेश जी ले गए एक मशहूर कैफे में।
आर्डर कारने के बाद लता जी को लगा की चुप्पी तोडी जाय, अब ज्यादा कुछ तो जानती नही थी हिमेश के बारे में, बोली" आपका वह गाना मुझे बहुत पसंद है - दिल की सुर्ख दीवारों पे नाम है टेढा टेढा" "लता जी टेढा नही 'तेरा"
"अच्छा ? आप टेढा क्यों बोले थे गाने में?" "जी वो मेरा स्टाइल है मै कुछ शब्दों को ऐसे तोड़ मरोड़ कर रख देता हूँ की लोग मेरे दीवाने हो जाते हैं "
तब तक जगजीत जी भी वहाँ आ गए, अब औपचारिकता तो निभानी थी सो हिमेश जी ने उन्हें भी काफी ऑफर कर दी जो उन्होंने झटपट स्वीकार कर ली।
बैठते ही बोले "रमेश हेशामियाँ जी, ये दौलत भी ले लो, ये शौहरत भी ले लो, बस एक नज़्म सुना दो बढ़िया सी" लता जी हंस पड़ी "आपने तो इनका नाम तेरा कर दिया". "तेरा नही टेढा " हिमेश जी फुसफुसाए।
"तो मैं क्या कह रहा था, हाँ एक बढ़िया सी नज़्म"
"अभी लीजिये" कहकर हिमेश जी ने ग्लास का पूरा पानी गटक कर खाली ग्लास में नाक घुसा दी और हाले दिल चिल्ला दिया
" ओ हुजू ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ र "
बैरा दौड़कर आया "जी सर ?"
हिमेश जी ने सर पकड़ लिया "मेरा मेरा क्या है कुसूर ?"



इतने में अनु मालिक भी आ गए। उन्हें तो पूछने की भी ज़रूरत नही पड़ी।
बैठते ही बोले "दोस्तों, आज मैं आपको एक अपनी बनाई धुन सुनाता हूँ.... मैं शायर बदनाम..मैं चला.."
हिमेश जी बीच में टोक दिए "लेकिन ये तो किसी और की धुन है !!"
जगजीत जी बोले " वही तो वो बोल रहे हैं , वो बदनाम शायर हैं और वो चल भी रहे हैं, मार्केट में "
"हाँ ये बात भी है"



धीरे धीरे पूरा संगीत जगत वहाँ पर इकठ्ठा हो गया। काफ़ी पर काफ़ी आर्डर होती गई और मुशायरा चलता रहा। हिमेश जी के पसीने छूट रहे थे।



इतने में लता जी का फ़ोन बज उठा ,दूसरी तरफ़ आशा जी थीं "बहन, मेरा कुछ सामान तुम्हारे पास पड़ा है, मेरा वो सामान लौटा दो"
लता जी हडबडाकर बोलीं "हाँ हाँ तुम्हारा सामान ही लौटाने निकली थी, पर यूँ ही कोई मिल गया सरे राह चलते चलते"
"ठीक है हम इंतज़ार करेंगे तेरा क़यामत तक" कहकर फ़ोन रख दिया।
हिमेश जी ने राहत की साँस ली की अब सभा समाप्त हुई। बैरे को बिल लाने को कहा।
बिल आने पर उदित जी बोले "ओये यार मै तो निकला था गड्डी लेकर पर रस्ते में इक मोड़ आया मैं वहाँ पर्स छोड़ आया"
जगजीत जी बोले"ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी ले लो......फिर भी बिल के लिए पैसे कम पड़ेंगे "
कुमार सानु जी बोले "ये जो थोड़े से हैं पैसे, इससे बिल पे करुँ कैसे॥"
अदनान जी टुकुर टुकुर हिमेश की तरफ़ देखने लगे " यार मुझको भी तू लिफ्ट करा दे!"
हिमेश जी ने कार्ड देकर बैरे को रवाना किया।
लता जी ने सांत्वना देते हुए कहा
"बिल तो है बिल, बिल का ऐतबार क्या कीजै,
आ गया जो, अस्सी हजार क्या कीजै"
हिमेश जी भी मुकेश की ये पंक्तियाँ गुनगुनाते हुए निकल पड़े

"साहिब काफ़ी पीने दे ढाबे में बैठकर
या वो जगह बता की जहाँ पर .....लता न हो "

13 टिप्‍पणियां:

राज भाटिय़ा ने कहा…

वर्षा जी बहुत मजा आ गया, आप ने बहुत ही सुंदर लिखा, ओर गीतो की तुक्क बन्दी भी बहुत सुंदर लगी.
धन्यवाद

Udan Tashtari ने कहा…

हा हा!! बहुत सही..इसीलिए तो मैं हिमेश से नाराज हूँ. :)

अनिल कान्त : ने कहा…

ये तो कमाल हो गया ...लेख तो लाजवाब हो गया ....
अच्छी व्यंग्य रचना ...... चारों ओर हँसी फूट पड़ी ....
आपकी कला की वर्षा लाजवाब ........

Proud to be Indian के स्थान पर अगर Proud to be an Indian हो जाए तो मजा आ जाये ..... बुरा ना मानो आने वाली होली है

अनिल कान्त

मेरा अपना जहान

ranjan ने कहा…

haahahaaahaa.. शिर्षक से तो लगा वाकई पंगा हो गया है...

शाश्‍वत शेखर ने कहा…

मुझे तो लगा की आशा के बाद अब लता से पंगा हुआ हिमेश रेशमियाँ का!!!!

ranjan ने कहा…

haahahaaahaa.. शिर्षक से तो लगा वाकई पंगा हो गया है...

swapandarshi ने कहा…

Sorry Varsha,

Your comment got deleted accidentally. Thanks for your valuable comment

Nawal ने कहा…

bahot achchhe Varsha ji...

विवेक सिंह ने कहा…

बहुत मज़ेदार वर्षा जी ! कमाल है !

ARVI'nd ने कहा…

SHIRSAD DEKHNE PAR MERI PRATIKRIYA: YE KYA HUA.
PADHNE KE BAAD: ACHHA YE HUA...MAJA AA GAYA

Renu Sharma ने कहा…

achchha likhtin hain aap , thaluye ... par comment ke liye shukriya .

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` ने कहा…

होली आने के आसार आपकी इस हँसी भरी ओस्ट से हो रही है खूब लिखा जी

Kailash ने कहा…

Reading this was fun! :D