शुक्रवार, 5 दिसंबर 2008

PAPA DONT PREACH!!

“बेटा होमवर्क किया?”
“हाँ पापा”
“झूठ मत बोलो”
“क्यों पापा?”
“क्यूकि कव्वा काटेगा”
“क्यों पापा,
कव्वा क्यों काटेगा?”
“क्यूकि
उसको गांधीजी ने बोला था”
“लेकिन पापा गांधीजी ने तो
बंदरों को बोला था”
“हाँ तो बेटा ये कव्वा
वही पर बैठा था”
“तो फिर पापा
बन्दर क्यों नही काटते?”
“क्युकी उनको आदमियों की भाषा
समझ में नही आती”
“तो फिर कव्वे को कैसे
समझ में आ गई?”
“बेटा उसने तोते से
ट्रांसलेट करवाया”
“तो फिर पापा
तोता क्यों नही काटता?”
“बेटा वो भी पहले काटता था
फिर उसकी चोंच twist हो गई"

1 टिप्पणी:

Rangraj Iyengar ने कहा…

बहुत सुंदर बाल व्यंग.