शुक्रवार, 12 दिसंबर 2008

हिन्दुस्तानी मक्खी

एक बार मनमोहन जी ने
ज़रदारी साहब को चाय पे बुलाया
खूब खातिर की गई
दोनों गले वले मिले
पत्रकार भाई भी खुश हुए
फिर एक imported कप में
ज़रदारी साहब को चाय पेश की गई
जयोंही उन्होंने कप हाथ में लिया
देखा, उसमे एक
मक्खी गिरी हुई थी
फौरन उन्होंने
मनमोहन जी को माजरा बताया
थोडी देर गंभीरता से सोचकर
मनमोहन जी बोले
“जनाब, ये मक्खी
हिन्दुस्तान की सरज़मीं की नही”
ज़रदारी साहब हैरान हो गए
“लेकिन ये तो
आपके मुल्क में पायी गई”
“जी, लेकिन हिन्दुस्तान की सरकार का
इस मक्खी से कोई ताल्लुक नही.
आप इसे मुजरिम साबित कीजियेगा
तो हम इस मक्खी पर
हिन्दुस्तान के क़ानून के तहत कार्यवाई करेंगे”
“जी वो कैसे ?”
"इस मक्खी को नज़र बंद कर दिया जायेगा”
ज़रदारी जी घबरा गए
सोचा मनमोहन जी पगला गए हैं
चुपचाप उन्होंने
चाय का कप वापस रख दिया
इस पर मनमोहन जी मुस्कुराए
“ज़रदारी साहब
आप एक अदद हिन्दुस्तानी मक्खी नही निगल पाये
हम तो आपके मुल्क का
बारूद निगलते आए हैं
और आप सब कुछ जानकर भी
सबूत मांगते आए हैं.”

24 टिप्‍पणियां:

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

एक अच्छी रचना के लिए बधाई स्वीकार करे.
खूब लिखें, अच्छा लिखें.

शब्द पुष्टिकरण अगर हटा दें तो टिप्पणी करना ज्यादा सुविधाजनक रहेगा.

ई-गुरु राजीव ने कहा…

हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

शुभकामनाएं !


ब्लॉग्स पण्डित - ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

ई-गुरु राजीव ने कहा…

आपका लेख पढ़कर हम और अन्य ब्लॉगर्स बार-बार तारीफ़ करना चाहेंगे पर ये वर्ड वेरिफिकेशन (Word Verification) बीच में दीवार बन जाता है.
आप यदि इसे कृपा करके हटा दें, तो हमारे लिए आपकी तारीफ़ करना आसान हो जायेगा.
इसके लिए आप अपने ब्लॉग के डैशबोर्ड (dashboard) में जाएँ, फ़िर settings, फ़िर comments, फ़िर { Show word verification for comments? } नीचे से तीसरा प्रश्न है ,
उसमें 'yes' पर tick है, उसे आप 'no' कर दें और नीचे का लाल बटन 'save settings' क्लिक कर दें. बस काम हो गया.
आप भी न, एकदम्मे स्मार्ट हो.
और भी खेल-तमाशे सीखें सिर्फ़ 'ब्लॉग्स पण्डित' पर.
यदि फ़िर भी कोई समस्या हो तो यह लेख देखें -


वर्ड वेरिफिकेशन क्या है और कैसे हटायें ?

Amit K. Sagar ने कहा…

अच्छी रचना. जारी रहें. शुभकामनाएं.

mehek ने कहा…

waah bahut khub nehle pe dehla badhai

Hindustani ने कहा…

बहुत अच्छा ............मन की बात


हिन्दी चिठ्ठा विश्व में स्वागत है
टेम्पलेट अच्छा चुना है
कृपया वर्ड वेरिफ़िकेशन हटा दें
कृपया मेरा भी ब्लाग देखे और टिप्पणी दे
http://www.ucohindi.co.nr ya http://www.manojsoni.co.nr

Mired Mirage ने कहा…

बहुत खूब !
घुघूती बासूती

प्रकाश गोविन्द ने कहा…

अच्छी हास्य रचना है !
मजा आ गया !

आपको बधाई !

Yusuf Kirmani ने कहा…

बहुत अच्छा व्यंग किया है आपने। यह नाम कुछ जाना-पहचाना सा है। पर, अभी याद नहीं आ रहा। धीरेश के ब्लॉग पर शायद आपकी टिप्पणी पढ़ी थी। बहरहाल...

रचना गौड़ ’भारती’ ने कहा…

presentation is Excellent
कलम से जोड्कर भाव अपने
ये कौनसा समंदर बनाया है
बूंद-बूंद की अभिव्यक्ति ने
सुंदर रचना संसार बनाया है
भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
लिखते रहि‌ए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
www.zindagilive08.blogspot.com
आर्ट के लि‌ए देखें
www.chitrasansar.blogspot.com

अक्षय-मन ने कहा…

kya baat hai bahut umda sir ji karara jawab diya hai........
๑۩۞۩๑वंदना शब्दों की ๑۩۞۩๑

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत सुंदर ...आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है.....आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे .....हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

हास्य की साथ, व्यंग का पुट
मज़ा आ गया

“ज़रदारी साहब
आप एक अदद हिन्दुस्तानी मक्खी नही निगल पाये
हम तो आपके मुल्क का
बारूद निगलते आए हैं
और आप सब कुछ जानकर भी
सबूत मांगते आए हैं.”

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर ने कहा…

हिन्दी ब्लॉग जगत में प्रवेश करने पर आप बधाई के पात्र हैं / आशा है की आप किसी न किसी रूप में मातृभाषा हिन्दी की श्री-वृद्धि में अपना योगदान करते रहेंगे!!!
इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए!!!!
स्वागतम्!
लिखिए, खूब लिखिए!!!!!


प्राइमरी का मास्टर का पीछा करें

HEY PRABHU YEH TERA PATH ने कहा…

स्वागत भावनाओ के फुलो से। अति रोचक प्रेरणादायक बात पढने को मिली। रोज लिखते रहे। विचारो कि मुलाकात होती रहे इसी उम्मीद के साथ आपको न्योता दे रहा हु आपके अपने ब्लोग " हे प्रभु यह तेरापन्थ " पर जरुर पधारे। आपके उजवल्ल भविष्य हेतु मगलकामनाऐ॥॥॥॥॥।

नटवर सिंह राठौड़ ने कहा…

बहुत बढ़िया लिखा है आपने ..........ऐसे और लेख लिखते रहिये | तथा साथ में मेरे चिट्ठे पर भी आप सादर आमंत्रित है | पता है : natwarrathore.blogspot.com

"VISHAL" ने कहा…

Bahut koob

------------------------"VISHAL"

devi ने कहा…

बहोत बढ़िया च लिखूँ, और अच्छू मुद्दा उठाई.

P.N. Subramanian ने कहा…

बहुत ही जोरदार. इतनी अच्छी रचना के लिए बधाई.
http://mallar.wordpress.com
यह हिन्दी में है. आपने अँग्रेज़ी को उपकृत कर दिया.

praney ! ने कहा…

Simply Beatiful!

sanams hot cake ने कहा…

varshaji,
aapki kalam ki nok pr wyangya ki dhar jabardast lagi|barud niglane ki trasdi ko aapne bahut khoob abhiwyqt kiya hai.meri baddhi sweekar kare|

mere blog per aapko aamantran|
sanjay sanam

Jharokhha ने कहा…

khoobsurat aagaz...

आनंदकृष्ण ने कहा…

आज आपका ब्लॉग देखा... बहुत अच्छा लगा. मेरी कामना है की आपके शब्दों को ऐसी ही ही नित-नई ऊर्जा, शक्ति और गहरे अर्थ मिलें जिससे वे जन सरोकारों की सशक्त अभिव्यक्ति का समर्थ माध्यम बन सकें....
कभी फुर्सत में मेरे ब्लॉग पर पधारें;-

http://www.hindi-nikash.blogspot.com

शुभकामनाओं सहित सादर-
आनंदकृष्ण, जबलपुर

परा वाणी - the ultimate voice ने कहा…

रसात्मक और सुंदर अभिव्यक्ति